स्वतंत्रता पुकारती/अमन कुमार

‘‘आज पंद्रह अगस्त है। पंद्रह अगस्त के महत्व को कोई भारतीय भला कैसे भूल सकता है। इस दिन हमारा पुनर्जन्म हुआ था। दासता की बेड़ियाँ कट गई थीं। अब तक हमारी स्वतंत्रता के लिए न जाने कितने ही वीर सपूत बलिवेदी पर हँसते हँसते चढ़ गए थे। हमारी गुलामी की बहुत छोटी वजह थी और […]

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