यह प्रधानमंत्री की स्वेच्छाचारिता और निरंकुशता की पराकाष्ठा है…

नोटबंदी भारत के प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार को भगाने के नाम पर, काला धन को लाने के नाम पर, नकली नोटों को मुद्रित होने से रोकने के नाम पर, कागजी करेन्सी की बन्दी और बदली का जो काम किया है, उसको अर्थशास्त्र की दृष्टि से मूर्खतापूर्ण कहा जायेगा, राजनीति की दृष्टि से मक्कारी से परिपूर्ण कहा […]

एक घातक निर्णय का हासिल क्या है ?

नोटबंदी और जीएसटी की असलियत इन खबरों ने देशवासियों को व्यग्र कर दिया है कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी की वृद्धि दर को गहरा झटका लगा है, और नोटबंदी की धोषणा के बाद चलन से बाहर की गई करीब-करीब समूची करंसी वापस बैंकों के पास लौट आई है। तो […]

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