अमन की अमनिका एं

1 मैं एक चराग़ की तरह जलने में रह गया मौसम की तरह रोज़ बदलने में रह गया हर हमसफ़र ने राह में धोका दिया मुझे मंजिल न आई और मैं चलने में रह गया सूरज की तरह रोज़ निकलने में रह गया 2 गीत गाने को जी चाहता है प्रीत पाने को जी चाहता […]

पंचम देेेेवी : श्री स्कंदमाता

“सिंहासनगता नित्यं पद्याञ्चितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥“ श्री दुर्गा का पंचम रूप श्री स्कंदमाता हैं। श्री स्कंद (कुमार कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। नवरात्रि के पंचम दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। इनकी आराधना से विशुद्ध चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वतः प्राप्त हो जाती […]

थोपाथोपी का खेल/अमन कुमार त्यागी

भारत की ही नहीं बल्कि दुनिया की परंपराएं बड़ी अजीब हैं। विभिन्न देशों एवं विभिन्न संस्कृतियों वाली इस दुनिया को निराली दुनिया वैसे ही नहीं कहा जाता है। विभिन्न बोलिया, आदमियों के विभिन्न रंग-रूप, विभिन्न खान-पान, विभिन्न रहन-सहन, सभी कुछ विभिन्न होते हुए भी उनके अपने विचार किसी थोपे हुए व्यक्ति के विचार बन जाते […]

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