सुलगी हुई घाटी की नई आफत/डॉ-अर्पण जैन

महबूबा से दूर हुए मोदी दिन ढलने को था आसमान से श्वेत कबुतर अपने आशियानों की तरफ लौटने ही वाले थेए कहवा ठण्डा होने जा रहा थाए पत्थरबाजों के हौसले परवान पर थेए अलगाववाद और चरमपंथ अपनी उधेड़बुन में बूमरो गुनगुना रहा थाए चश्म.ए.शाही का मीठा पानी भी कुछ कम होकर एक शान्त स्वर झलका […]

न्यायपालिका की गिरती साख/अमित त्यागी

जिस तरह से भ्रष्टाचार अन्य क्षेत्रों में हैं वैसे ही न्यायपालिका भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है। कांग्रेस ने मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध ठीक उसी तरह की लामबंदी की जैसे वरिष्ठ वकील कर रहे थे। राहुल गांधी ने पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं सलमान खुर्शीद जैसे वरिष्ठों की असहमति के बावजूद महाभियोग प्रस्ताव का […]

सऊदी में नारी अस्मिता की एक नयी सुबह/ललित गर्ग

आधी आबादी की उड़ान — रूढ़िवादी एवं जड़तावादी देश सऊदी अरब में उदारता और आधुनिकता लाने की शाहजादा मोहम्मद बिन सलमान की कोशिशों के तहत तीस वर्षों से चला आ रहा महिलाओं के वाहन चलाने पर लगे प्रतिबंध के कानून में ऐतिहासिक सुधार वहां के महिला समाज के लिये एक नयी सुबह का आगाज है। […]

नवाब नजीबुद्दौला : जिसने बसाया था नजीबाबाद/अमन

-अमन कुमार त्‍यागी एक परिचय नवाब नजीबुद्दौला को भारतीय इतिहास नजीब खान के नाम से भी जानता है। नजीब खान के पिता मलिक असालत खान युसुफ़ जई जाति के रुहेले सरदार थे। प्रसिद्ध इतिहासकार सत्यकेतु विद्यालंकार ने इस जाति के सम्बंध में लिखा है कि भारत की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर अनेक ऐसी जातियों का निवास […]

सहजा को यह जिम्मेदारी भाजपा ने खैरात में नहीं दी /अरविंद सिंह

आजमगढ़. आजमगढ़ में प्रधानमंत्री का आगमन होने जा रहा है और उनके इस कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी जिस कंधे पर है।वह कोई और नहीं बल्कि हमारे आप के बीच का जननेता सहजानन्द राय हैं। जिन्हे इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संयोजक बनाया गया है और भाजपा ने यह जिम्मेदारी कोई खैरात में नहीं […]

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