मारीशस में रामकथा पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियाँ और सम्मान समारोह

मुंबई। शार्प रिपोटर डॉट इन भारत और मारीशस का संबंध दुनिया के किन्हीं अन्य दो देशों से बिलकुल अलग किस्म का है। मारीशस अपनी पहचान और इतिहास की जड़ें खोजने के लिए भारत की ओर देखता है। हिंदी भाषा और रामकथा के मजबूत धागों से इन दोनों देशों के रिश्ते बुने हुए हैं। मारीशस की […]

जुगनुओं ने भी बहुत की है बुराई मेरी /महेन्‍द्र अश्‍क

जुगनुओं ने भी बहुत की है बुराई मेरी छिड़ न जाये कहीं सूरज से लड़ाई मेरी जिंदगी मैंने ये जी है इन्हीं ग़ज़लों केे लिये मेरे बच्चो ये ही ग़जलें हैं कमाई मेरी मैं अगर जिन्दा हूँ इस अन्धेे कुए में तो फिर एक मुद्दत से क्यों आवाज न आई मेरी पहले कुछ सोच भी […]

कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता/अरविंद सिंह

नीरज होने का मतलब! दिल आज शायर है, ग़म आज नगमा है.. नीरज होने का मतलब सौन्दर्य और आध्यात्म का अद्भुत मिलन। प्रेम पराग की पराकाष्ठा और सौन्दर्यबोध का अनोखा जादूगर। गीत की गहराई और प्रीत की तड़प में आध्यात्म की तलाश । गीतों का दरवेश और प्रेम का सौन्दर्य उपासक। मौन का मुखर सौन्दर्य […]

जल प्रबंधन

न्याय पंचायत सिकन्दरा की भौगोलिक स्थिति

न्याय पंचायत सिकन्दरा के मध्य गंगा की एक सहायक नदी ‘मनसरिता’ (मनसइता) स्थित है। यह बरसाती नदी है जो बहुधा बरसात में ही उफनती है और आसपास के क्षेत्र में कुछ नुकसान भी करती है। कभी-कभी गंगा की बाढ़ से प्रभावित होती है। इस नदी की लम्बाई लगभग 35 किमी. है। यह नदी सिकन्दरा, बकसेडा, दलीपुर, बलीपुर की कृषि भूमि को भी  प्रभावित करती है

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