अमन की अमनिका एं

1 मैं एक चराग़ की तरह जलने में रह गया मौसम की तरह रोज़ बदलने में रह गया हर हमसफ़र ने राह में धोका दिया मुझे मंजिल न आई और मैं चलने में रह गया सूरज की तरह रोज़ निकलने में रह गया 2 गीत गाने को जी चाहता है प्रीत पाने को जी चाहता […]

Translate »