संगीत पर मजहबी पहरेदारी/ -अरविंद जयतिलक

संगीत कभी सीमाओं की खोल में नहीं रहा। उसे कभी भी मजहब और संस्कृति के डोर से बांधकर नहीं रखा गया। पर आघातकारी है कि कुछ कठमुल्ले, मुल्ला-मौलवी और मजहबी संगठन तुगलकी फतवे के जरिए असोम की गायिका नाहिद अफरीन की गायकी पर बंदिश लगाना चाहते हैं। उनकी दलील है कि किसी भी मुस्लिम लड़की […]

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