अखंडता, प्रेम और आक्रोश के कवि ऋषभ

‘तेवरी काव्य आंदोलन’ के प्रवर्तक ऋषभदेव शर्मा (1957) को प्रायः आक्रोश और व्यंग्य की चोट करनेवाली रचनाओं (तेवरी) के लिए जाना जाता है. साथ ही इन्होंने संतुलित पुस्तक-समीक्षा और शोधपूर्ण आलोचना के क्षेत्र में भी पहचान अर्जित की है. प्रतिष्ठित हिंदी-सेवी आचार्य ऋषभदेव शर्मा का जन्म पश्चिमी उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली स्थित गंगधाडी […]

जो रोकना हो इनकी उड़ानों को/ ऊॅचे कर लो आसमानों को

  राजेशचंद्र मिश्र  आजमगढ जी हां! आधी आबादी की उड़ानों को रोक पाना आज किसी के बुते की बात नहीं है। कल तक देहरी की दहलीज तक सिमटी नारी आज ऊॅचे आसमानों और बेडियों की सरहदों को पार कर, निड़रता से परवाज़ कर रही है। वह महलों की ज़ीनत से युद्ध की नायिका भी बन […]

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