क्यों होता है महिलाओं से छेड़छाड़/ -डाॅ. प्रेमपाल सिंह वाल्यान

स्त्रियों से छेड़छाड़ की घटनाएँ प्राचीन काल से ही घटती रही हैं। लेकिन वर्तमान समय में इनकी बारम्बारता तो बढ़ ही गई है साथ ही इन घटनाओं ने काफी विभित्स रूप ले लिया है। यह प्रकृति का नियम है कि विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण होता ही है, परन्तु युवक-युवतियां यदि स्वस्थ मानसिक धरातल पर […]

हिन्दी महोत्सव-18

‘हिन्दी महोत्सव’ का चौथा अध्याय और यूनाइटेड किंगडम के पहले अध्याय का उद्घाटन 28 जून 2018 को ऑक्सफोर्ड में किया गया। वाणी फॉउण्डेशन, यू.के. हिन्दी समिति, वातायन और कृति यू.के. के संयुक्त तत्त्वावधान में तीन बड़े नगरों-ऑक्सफ़ोर्ड, लंदन, बिर्मिंघम में भव्य हिन्दी महोत्सव सम्पन्न हुआ। उत्सव का उद्घाटन दुनिया की अकादमिक राजधानी ऑक्सफोर्ड शहर में […]

सऊदी में नारी अस्मिता की एक नयी सुबह/ललित गर्ग

आधी आबादी की उड़ान — रूढ़िवादी एवं जड़तावादी देश सऊदी अरब में उदारता और आधुनिकता लाने की शाहजादा मोहम्मद बिन सलमान की कोशिशों के तहत तीस वर्षों से चला आ रहा महिलाओं के वाहन चलाने पर लगे प्रतिबंध के कानून में ऐतिहासिक सुधार वहां के महिला समाज के लिये एक नयी सुबह का आगाज है। […]

महिलाएँ छेड़छाड़ का शिकार क्यों बनती हैं ?

लड़कियों के प्रति लड़कों का व्यवहार यौन आकर्षण से निर्धारित होता है। इसलिए युवाओं को यौन शिक्षा आवश्यक है। साथ ही युवतियों को अपना आत्मबल बनाये रखना चाहिए। उन्हें अपनी रक्षा हेतु जूड़ो कराटे का प्रशिक्षण लेना चाहिए तथा साहस और बुद्धि का प्रयोग कर अपनी रक्षा करनी चाहिए। -डाॅ. प्रेमपाल सिंह बालियान स्त्रियों से […]

मेरा शबाब भी लौटा दो मेरे मेहर के साथ !

तीन तलाक पर सुप्रीमकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला ‘‘तलाक दे तो रहे हो गुरूर-ओ-कहर के साथ मेरा शबाब भी लौटा दो मेरे मेहर के साथ’’ प्रेमपाल सिंह ‘वाल्यान’ सजनी भोपाली ने यह शेर तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं की मानसिक त्रासदी के किन हालात बयानी को लिखा होगा इसका आज, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। […]

राष्ट्रीय संगोष्ठी — भारतीय नारी दशा और दिशा

आजमगढ स्वरागिनी जन विकास समिति द्वारा सेवा सदन में दिनाक 10 सितम्बर दिन शनिवार को सेवा सदन में भारतीय नारी दशा और दिशा पर राष्ट्रीय संगोष्टी आयोजित की गयी | स्वरागिनी संगीत संस्था व स्वरागिनी जन विकास समिति के अध्यक्षा श्रीमती अंजना सक्सेना ने कहा कि हमारा देश विविधताओ में एक है देश में अराजकता […]

दाम्पत्य जीवन और शक की छाया/मंजु त्यागी

दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य आवश्यक है। सामान्य जीवन में शक, हीनता, श्रेष्ठता या अहम् की भावना को स्थान नहीं होना चाहिए। यह भावनाएं यदि पति और पत्नी के बीच आ जाती हैं तो निश्चित रूप से दाम्पत्य जीवन खतरे में पड़ा दिखायी देने लगता है। एक दूसरे पर शक करने का सीधा सा मतलब है, […]

पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका/मंजु त्यागी

पर्यावरण शब्द का अर्थ है हमारे चारों ओर का आवरण। पर्यावरण संरक्षण का तात्पर्य है कि हम अपने चारों ओर के आवरण को संरक्षित करें तथा उसे अपने अनुकूल बनाए रखें। इस प्रकार पर्यावरण का सीधा सम्बन्ध प्रकृति से है। सभी तरह-तरह के जीव-जन्तु, पेड़-पौधे तथा अन्य सजीव-निर्जीव वस्तुएँ मिलकर पर्यावरण की रचना करते हैं। […]

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