सृजन है प्रेम

कोलकाता में समय से दोस्ती करना मुश्किल नहीं होता। यह सरल है, मैदान में घास चरते मेमनों की तरह। दिन भर फुटबॉल खेलते लड़कों को जल्दी नहीं होती घर लौटने की। स्कूल बैग लिए लड़कियाँ घने छायादार पेड़ों के नीचे बैठी रहती हैं किसी अकथ प्रतीक्षा में। कैटर-पिलर की तरह हिलती-डुलती-चलती ट्राम बोर्नविटा और लक्स […]

मन की अंधेरी राहों पर

आभार तुमने जगा दिये हैं छूकर सोए मन के तार सजन। तुमसे ही पाया है मेरे सपनों ने आकार सजन। हुआ आज सुरभित तुमसे मेरे मन का संसार सजन। भूल नहीं सकती जीवन भर मैं तेरे उपकार सजन। जब भी दुःख के बादल छाए। जब भी पाँव मेरे थर्राए। मन की अंधेरी राहों पर तुमने […]

राजनीति के लिये सतत क्रांति की जरूरत /ललित गर्ग-

जैसे-जैसे 2019 में होने वाले आम चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जारही है। संभवतः आजादी के बाद यह पहला आम चुनाव होगा, जिसके लिये इतनी अग्रिम चुनावी सरगर्मियां देखने को मिल रही है। न केवल भाजपा बल्कि सभी राजनीतिक दलों में आम चुनाव का माहौल गरमा रहा है। अपने-अपने […]

हिन्दी महोत्सव-18

‘हिन्दी महोत्सव’ का चौथा अध्याय और यूनाइटेड किंगडम के पहले अध्याय का उद्घाटन 28 जून 2018 को ऑक्सफोर्ड में किया गया। वाणी फॉउण्डेशन, यू.के. हिन्दी समिति, वातायन और कृति यू.के. के संयुक्त तत्त्वावधान में तीन बड़े नगरों-ऑक्सफ़ोर्ड, लंदन, बिर्मिंघम में भव्य हिन्दी महोत्सव सम्पन्न हुआ। उत्सव का उद्घाटन दुनिया की अकादमिक राजधानी ऑक्सफोर्ड शहर में […]

मानव संसाधन विकास के नए आयाम’ पुस्तक लोकार्पित

हैदराबाद काचिगुड़ा स्थित बद्रुका कॉलेज के सभाकक्ष में बुधवार को हिंदी अध्यापकों और लेखकों की संस्था ‘हिंदी हैं हम विश्व मैत्री मंच’ की साहित्यिक सभा आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता प्रो. शकुंतला रेड्डी ने की तथा संयोजन डॉ. रियाजुल अंसारी ने किया। मुख्य अतिथि प्रो. ऋषभदेव शर्मा ने एनआईआरडी में वरिष्ठ प्रोजेक्ट फैकल्टी के रूप […]

कट्टा निकाल के : समकालीन समाज के प्रतिबिम्ब/डाॅ.अंजुषा सिंह

समीक्षा – – समकालीन रचनाकारों में अशोक ‘अंजुम’ संवेदनशील, सहज एवं भावप्रवण गजलकार व गीतकार हैं। आपने इस संकलन, में गजलों व गीतों में हास्यव्यंग्य के माध्यम से संवेदना, मानवीय संबंधनों एवं समकालीन मुद्दों को संरक्षित करने का प्रयास किया है। ‘कट्टा निकाल के’ कृति में 13 हास्य-व्यंग्य, ग़ज़लें तथा 33 हास्य-व्यंग्य गीत संकलित है […]

यहां सुहागन तीन माह जीती हैं विधवा की जिंदगी

पति की सलामती के लिए लेती है ऐसा फैसला आजमगढ़.। यह एक ऐसी परंपरा है जिसपर विश्वास करना मुश्किल है लेकिन वर्षों से ऐसा होता आ रहा है। यहां की महिलाएं सुहागन होने के बाद भी तीन माह तक मांग में सिंदूर नहीं भरती और पति के सलामती के लिए अपने इष्ट की पूजा में […]

वह अपने आँसुओं को रोक नहीं सकीं/राहुल सांकृत्यायन

कालजयी: कनैला छोड़ने से पहले अपनी प्रथम परिणीता के देखने का निश्चय कर चुका था। अब वह चारपाई पकड़े थी। देखकर करुणा उभर आना स्वाभाविक था । आखिर मैं ही कारण था जो इस महिला का आधा शताब्दी का जीवन नीरस और दुर्भर हो गया कनैला मेरा पितृग्राम है। मैं ननिहाल (पन्दहा) में पैदा हुआ […]

सुलगी हुई घाटी की नई आफत/डॉ-अर्पण जैन

महबूबा से दूर हुए मोदी दिन ढलने को था आसमान से श्वेत कबुतर अपने आशियानों की तरफ लौटने ही वाले थेए कहवा ठण्डा होने जा रहा थाए पत्थरबाजों के हौसले परवान पर थेए अलगाववाद और चरमपंथ अपनी उधेड़बुन में बूमरो गुनगुना रहा थाए चश्म.ए.शाही का मीठा पानी भी कुछ कम होकर एक शान्त स्वर झलका […]

न्यायपालिका की गिरती साख/अमित त्यागी

जिस तरह से भ्रष्टाचार अन्य क्षेत्रों में हैं वैसे ही न्यायपालिका भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है। कांग्रेस ने मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध ठीक उसी तरह की लामबंदी की जैसे वरिष्ठ वकील कर रहे थे। राहुल गांधी ने पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं सलमान खुर्शीद जैसे वरिष्ठों की असहमति के बावजूद महाभियोग प्रस्ताव का […]